jadugar-or-raju : जादूगर और राजू
एक बहुत बड़ा बगीचा था, एक बगीचे में बहुत बड़ा विशाल जंगली पेड़ था कोई भी बच्चा डर से नहीं जाता था वहां पर पूछो क्यों
क्योंकि वह जो पहले था ना वह ना उसके अंदर मोटी मोटी लाता है बच्चे लोग को पकड़ कर अपने अंदर ले लेते थे,
उस पेड़ के अंदर एक जादूगर रहता था वह जादूगर बहुत डरावना था, वह जादूगर कभी बाहर नहीं निकलता था क्योंकि सब बच्चे उसको देख कर डर जाते,
इसलिए उसने नई-नई तरकीब ढूंढी थी बच्चे को अपने पास लाने के लिए एक बार उसने एक नई तरकीब ढूंढी उसमें पेड़ की लताओं से अपना सारा काम करवाने का सोचा लेकिन पेड़ की लाता है इतनी मजबूत नहीं थी कि वह छोटे-छोटे बच्चों को पकड़कर ला सके फिर उसने पेड़ की लताओं में मोटे मोटे रस्सी बांध दिए उसके बाद अपने जादू से पेड़ की लताओं को बोला जाओ तुम सभी छोटे बच्चे को पकड़ लेना जो भी इस बगीचे में आएगा
इसके बाद एक था राजू नाम का लड़का था वह बहुत प्यारा बच्चा था राजू पढ़ाई में बहुत तेज था वह एक बुद्धिमान बच्चा था बुद्धिमान होने के साथ वह बहुत दयालु भी था उसे हर बच्चे पर दया आती जो भी मदद के लिए उसके पास जाता
एक बार एक छोटा बच्चा जिसका नाम रुद्र था वह बगीचे में गया और उसे उन नेताओं ने पकड़ लिया और जादू के पास जा फेका
जैसे ही यह बात बाहर लोगों को पता चला उसने राजू को भी रूद्र को ढूंढने लगा राजू राजू इसलिए उसे रूद्र को ढूंढ रहा था क्योंकि रूद्र ज्यादातर समय राजू के पास स्थित करता था इसलिए राजू को बहुत चिंता हो गई थी कि सभी लोग मुझ पर इल्जाम लगाएंगे कि मैंने ही रूद्र को कहीं छुपा दिया है इसलिए वह पूरे बगीचे में देखने लगा कहीं तो रुद्र मिल जाए
लेकिन रुद्र कहीं नहीं मिला फिर वह जंगल के उस तरफ गया वहां उसने बहुत खोजा फिर भी वहां भी रूद्र उसे नहीं मिला
फिर वह जंगल के बीचो बीच खड़े बड़े से पेड़ को ध्यान से देख रहा था उसे वह थोड़ा अजीब लगा उसने देखा इसलिए इतनी मोटी मोटी शाखाएं हैं
1 शाखाओं के करीब गया और उसने महसूस किया यह शाखाएं हलचल करने लग रही है वह झट से बाहर निकल गया बाकी जैसे और अपने मम्मी पापा और भाई बंधुओं को बुलाकर लाया और बोला चलो मां वहां चलते हैं
उस पेड़ में कोई ना कोई गड़बड़ जरूर है वहां चलते हैं हमें आशा है कि रूद्र में वही मिलेगा
के सभी लोग जंगल के बीचो बीच उस पेड़ के पास खड़े हो गए जहां जादूगर ने अपनी विशाल पेड़ को बना कर रखा था
सभी लोग वहां जाकर छानबीन करने लग गए और राजू की मम्मी पापा और रुद्र के मम्मी पापा पेड़ की शाखाओं के करीब पहुंचे जहां उन्होंने मोटी मोटी शाखाएं और उसमें बनी व्यक्तियों को देखा
अंदर जाते जाते उसने देखे अंदर में एक छोटी सी गुफा बनी हुई है जो जमीन की तरफ जा रही है वह जाते जाते उन लोगों ने पाया कि अंदर में तो एक विशाल घर है जो शायद किसी बदमाश आदमी का है आरुषि आदमी ने रूद्र को अपने पास छुपा लिया है
इसके बाद सभी लोग उस गुफा के अंदर जाने लग गए सभी उस घर में दाखिल हो गए जहां जादूगर था जादूगर ने अपने घर में कोई दूसरा दरवाजा नहीं बनाया था इसलिए वह बच नहीं पाया और लोगों के हाथ से बुरा पीटा
इसके बाद रुद्र का पता उस जादूगर ने खुद बता दिया रुद्र के साथ ऐसे 7 बच्चे और मिले जो अपने मां-बाप से अलग होकर यहां पर मजदूरी कर रहे थे उनसे दिन भर मिट्टी खोदने का काम और घर के छोटे-मोटे काम करवाता था वह जादूगर
इसके बाद धीरे-धीरे लोग जैसे बाहर निकले सब ने उस घर और उस बगीचे में खड़े पेड़ को ध्वस्त कर दिया,
शिक्षा :- इस तरह उस जादूगर को सिख मिली गलत काम करने का नतीजा हमेशा गलत ही होता है
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें